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॥ चंडी माता ॥ घुंचापाली

दैनिक आरती

आरती का समय , सुबह 7:30 बजे और संध्या 7:30 बजे

विस्तृत जानकारी

आगामी उत्सव

चैत्र और आश्विन नवरात्र के साथ विशेष पूजन का आयोजन होता है।

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आध्यात्मिक और प्राकृतिक महत्व

घुंचापाली की पहाड़ी पर स्थित श्री चंडी माता मंदिर देवी भक्तों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। यह शक्ति पीठ अपनी दिव्यता और चमत्कारिक घटनाओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां विराजित मां चंडी की 24 फुट ऊंची दक्षिणाभिमुखी रौद्र प्रतिमा श्रद्धालुओं को अपनी शक्ति और कृपा का दिव्य अनुभव कराती है। मंदिर का प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगलों से घिरी पहाड़ी और समीप स्थित चंडी बांध इस स्थान को एक प्रमुख तीर्थ एवं पर्यटन स्थल बनाते हैं।

इस मंदिर का इतिहास लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना है और इसे तंत्र साधना का प्रमुख केंद्र माना जाता था। मान्यता है कि मां चंडी की प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी। इस स्थान को पहले तांत्रिक सिद्धियों के लिए गुप्त स्थल माना जाता था और यह उड्डीस शक्ति पीठ के रूप में प्रसिद्ध हुआ। वर्ष 1950-51 से यहां वैदिक पद्धति से पूजा-अर्चना प्रारंभ हुई, जिसके बाद से यह श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया।

मंदिर परिसर में स्थित ज्योति गृह, यज्ञ मंडप और विशाल मंदिर भवन इसकी भव्यता को दर्शाते हैं। मंदिर तक पहुँचने के लिए श्रद्धालुओं को घने वृक्षों और पथरीली चढ़ाई से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे यह यात्रा और भी आध्यात्मिक बन जाती है। मां चंडी को संकट हरने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है, और यहां आने वाले भक्त उनकी कृपा से स्वयं को सुरक्षित और आत्मबल से परिपूर्ण महसूस करते हैं।

इस मंदिर की एक विशेषता यह भी है कि यहां न केवल भक्तगण आते हैं, बल्कि भालू भी नियमित रूप से दर्शन के लिए आते हैं। आरती के समय अक्सर भालू मंदिर प्रांगण में आकर श्रद्धालुओं के बीच शांत भाव से उपस्थित रहते हैं, मानो वे भी माता की आराधना में सहभागी हों। यह दृश्य भक्तों के लिए आस्था और प्रकृति के अद्भुत सामंजस्य का प्रतीक बन गया है। कुछ श्रद्धालु भालुओं को प्रसाद भी अर्पित करते हैं, और वे बिना किसी भय या आक्रामकता के मंदिर के परिसर में विचरण करते हैं। पिछले एक दशक से भी अधिक समय से यह भालू परिवार मंदिर में आ रहा है, जो इस स्थान को और भी रहस्यमयी एवं चमत्कारी बनाता है।

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आगामी कार्यक्रम

मंदिर में आयोजित होने वाले आगामी उत्सवों और धार्मिक कार्यक्रमों के बारे में जानें

चैत्र नवरात्रि महोत्सव

रविवार, 11 अक्टूबर, 2026 – सोमवार, 19 अक्टूबर, 2026

चैत्र नवरात्रि महोत्सव

शक्ति की आराधना, भक्ति का उल्लास और आध्यात्मिक साधना का पावन पर्व — शारदीय नवरात्रि 2026 इस वर्ष 11 अक्टूबर (रविवार) से 19 अक्टूबर (सोमवार) तक मनाई जाएगी। इस पावन अवसर पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना, व्रत, हवन एवं साधना के माध्यम से श्रद्धालु माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूप शैलपुत्री – शक्ति, स्थिरता और नई शुरुआत का स्वरूप | ब्रह्मचारिणी – तपस्या, संयम और त्याग की देवी | चंद्रघंटा – साहस, शांति और नकारात्मकता पर विजय का स्वरूप | कूष्मांडा – सृष्टि और ऊर्जा की आदिशक्ति | स्कंदमाता – मातृत्व, करुणा और वात्सल्य का स्वरूप | कात्यायनी – शक्ति, न्याय और धर्म की देवी | कालरात्रि – भय, अंधकार और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली | महागौरी – पवित्रता, शांति और सौभाग्य का स्वरूप | सिद्धिदात्री – सिद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और पूर्णता प्रदान करने वाली | शारदीय नवरात्रि 2026 की तिथि -दिन- -तारीख- -वार- -देवी- प्रथम 11 अक्टूबर 2026 रविवार मां शैलपुत्री || द्वितीया 12 अक्टूबर 2026 सोमवार मां ब्रह्मचारिणी|| तृतीया 13 अक्टूबर 2026 मंगलवार मां चंद्रघंटा|| चतुर्थी 14 अक्टूबर 2026 बुधवार मां कूष्मांडा|| पंचमी 15 अक्टूबर 2026 गुरुवार मां स्कंदमाता|| षष्ठी 16 अक्टूबर 2026 शुक्रवार मां कात्यायनी|| सप्तमी 17 अक्टूबर 2026 शनिवार मां कालरात्रि|| अष्टमी 18 अक्टूबर 2026 रविवार मां महागौरी|| नवमी 19 अक्टूबर 2026 सोमवार मां सिद्धिदात्री||

जय माँ चंडी

शक्ति वाली मां चंडी

छत्तीसगढ़ के घुचापाली (बागबाहरा) से जुड़ी पहाड़ी शृंखला के बीच मां चंडी का भव्य मंदिर है। आदिकाल से तंत्रोक्त साधना का प्रमुख केंद्र रहे इस तंत्रोक्त उड्डीश शक्ति पीठ श्री चंडी माता मंदिर की छटा यहां के प्राकृति संसाधनों की वजह से निराली हो जाती है। यह पवित्र भूमि अद्वितीय शक्ति और सौंदर्य से परिपूर्ण है।

भक्तों की अगाध श्रद्धा और भक्ति के प्रतीक मां चंडी के दर्शन के लिए लगने वाली भीड़ प्रमाणित करती है कि यह असंख्य भक्तों के अटूट विश्वास का केंद्र है। आस्था और विश्वास फलस्वरूप यह शक्ति पीठ अपनी दिव्यता और पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए हुए है।

यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा और प्राकृतिक सौंदर्य भक्तों को आस्था, शक्ति और शांति का दिव्य अनुभव कराते हैं।

विशेष महत्व

वर्चुअल दर्शन

अपने घर बैठे मां चंडी के दिव्य दर्शन का लाभ प्राप्त करें। हमारे वर्चुअल टूर के माध्यम से मंदिर के हर हिस्से को देखें और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करें।

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